रांची:-झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति, सुनवाई और दस्तावेज सत्यापन को लेकर बुधवार को राज्य के सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ERO, AERO और Additional AERO के लिए प्रशिक्षण-सह-शंका निवारण सत्र हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आधार से जुड़े सत्यापन और विभिन्न दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची के निदेशक नीरज कुमार ने आधार सत्यापन के तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी दी तथा अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIR के तहत प्राप्त दावों और आपत्तियों की सुनवाई तथा दस्तावेजों का सत्यापन निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दावे और आपत्ति का नियमानुसार परीक्षण करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे।
उन्होंने ERO, AERO और Additional AERO को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दस्तावेज सत्यापन और सुनवाई से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को भी प्रशिक्षण में दी गई जानकारी उपलब्ध कराएं। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में एकरूपता बनाए रखना और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करना है।
CEO ने कहा कि SIR का उद्देश्य पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित होने से बचाना और अपात्र अथवा विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल न होने को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में दावा-आपत्ति, सुनवाई और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
गौरतलब है कि झारखंड में SIR के तहत दावा-आपत्ति की समयसीमा को निर्वाचन आयोग ने 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
प्रशिक्षण में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर समेत राज्य के सभी जिलों के संबंधित ERO, AERO और Additional AERO वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।


