HomeJharkhandLL.B. डिग्री की वैधता पर विवाद से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, लक्ष्मी...

LL.B. डिग्री की वैधता पर विवाद से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, लक्ष्मी सिंह से 14 दिन में जवाब तलब

रांची: हजारीबाग के यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज में सहायक प्राध्यापक कुमारी लक्ष्मी सिंह की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति को लेकर उठे विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। हजारीबाग निवासी सुशील कुमार की ओर से दायर रिट याचिका में नियुक्ति को चुनौती देते हुए कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों का आरोप लगाया गया है।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत में हुई। अदालत ने लक्ष्मी सिंह समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह यानी 14 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

दस्तावेजों में कथित विसंगतियों का आरोप

याचिकाकर्ता का आरोप है कि लक्ष्मी सिंह ने अपनी नियुक्ति के लिए औरंगाबाद लॉ कॉलेज से LL.B. की डिग्री होने संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। याचिका में कॉलेज की बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता और संबंधित शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

याचिका में दावा किया गया है कि प्रवेश पत्र और मार्कशीट में परीक्षा केंद्र के कोड में अंतर है। साथ ही अलग-अलग वर्षों में हुई परीक्षाओं की तारीखों और कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट से संबंधित तारीखों में भी कथित विसंगतियां हैं।

याचिकाकर्ता ने इन्हीं आधारों पर दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कराने और नियुक्ति की वैधता पर निर्णय लेने की मांग की है।

विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल

याचिका में विनोबा भावे विश्वविद्यालय की ओर से मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, शिकायत के बाद विश्वविद्यालय ने वर्ष 2023 और फिर वर्ष 2025 में जांच समितियां गठित कीं, लेकिन कथित तौर पर अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।

याचिका में दिसंबर 2023 में राज्यपाल की ओर से वोकेशनल कोर्स में कथित अवैध नियुक्तियों को लेकर दिए गए निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा RTI के माध्यम से मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने का दावा भी किया गया है।

अब संबंधित पक्षों के जवाब पर नजर

हाईकोर्ट ने मामले में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और कुमारी लक्ष्मी सिंह को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

अदालत के निर्देश के बाद अब सभी संबंधित पक्षों के जवाब का इंतजार है। फर्जी डिग्री और दस्तावेजों से जुड़े आरोप फिलहाल याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए दावे हैं और इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा संबंधित जांच के बाद ही होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments