रांची:– झारखंड के पूर्व विधायक और आदिवासी मुद्दों को लेकर लंबे समय से सक्रिय रहे सूर्य सिंह बेसरा को महाराष्ट्र में आयोजित एक बड़े आदिवासी महासम्मेलन के दौरान नई धार्मिक जिम्मेदारी दी गई। महासम्मेलन में उन्हें आदिवासी धर्मगुरु के रूप में सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
महाराष्ट्र में आयोजित इस महासम्मेलन में आदिवासी समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग और प्रतिनिधि शामिल हुए।
सूर्य सिंह बेसरा झारखंड की राजनीति में आदिवासी अधिकारों और अलग पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मुखर भूमिका के लिए जाने जाते हैं। विधायक रहने के दौरान भी उन्होंने आदिवासी समाज से जुड़े कई सवालों को प्रमुखता से उठाया था।
महासम्मेलन में उन्हें आदिवासी धर्मगुरु की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उनके समर्थकों और आदिवासी समाज से जुड़े लोगों में उत्साह देखा गया। इस नई भूमिका के जरिए वे आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम में आदिवासी परंपराओं, संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बेसरा ने समाज की एकता और अपनी पारंपरिक पहचान को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।


