रांची:– हरतालिका तीज का पावन पर्व आज सोमवार, 14 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है। झारखंड समेत बिहार और उत्तर प्रदेश में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रख रही हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा और योग्य वर पाने की कामना से हरतालिका तीज का व्रत करती हैं।
हरतालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस दिन सोलह श्रृंगार कर सुहागिन महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं और माता पार्वती से अपने पति की दीर्घायु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं।
रविवार नहीं, सोमवार को है तीज
हरतालिका तीज की तारीख को लेकर इस बार लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। कुछ जगहों पर 13 सितंबर यानी रविवार को तीज बताए जाने की चर्चा थी। हालांकि पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर, सोमवार को ही रखा जाएगा। तृतीया तिथि 13 सितंबर सुबह 7:08 बजे से शुरू होकर 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 14 सितंबर को तीज का व्रत मान्य है।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:32 बजे से 5:19 बजे तक
- प्रातः पूजा मुहूर्त: सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
- प्रदोष पूजा: शाम 6:28 बजे से 7:37 बजे तक
- पारण: 15 सितंबर की सुबह 6:06 बजे के बाद
हरतालिका तीज के मौके पर झारखंड के रांची समेत विभिन्न शहरों और ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने पूजा की तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाजारों में भी तीज को लेकर रौनक देखने को मिल रही है। पूजा सामग्री, फल, मिठाई, श्रृंगार सामग्री और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी आस्था और कथा से जुड़ा हरतालिका तीज का व्रत महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।


