रांची:– झारखंड में शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य के 7 जिलों में शिक्षा विभाग के 58 लिपिकों का तबादला किया गया है। इसके साथ ही 134 कर्मचारियों का संवर्ग निर्धारण भी किया गया है। विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद संबंधित कर्मचारियों और कार्यालयों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि यह फेरबदल विभागीय व्यवस्था को बेहतर बनाने और कर्मचारियों की तैनाती को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण के साथ-साथ विभिन्न जिलों में कार्यरत कर्मचारियों के संवर्ग को लेकर भी प्रक्रिया पूरी की गई है।
7 जिलों में 58 लिपिकों का तबादला
शिक्षा विभाग के आदेश के तहत सात जिलों में कार्यरत कुल 58 लिपिकों का स्थानांतरण किया गया है। तबादले के बाद संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित स्थान पर योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी संबंधित कार्यालयों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।
तबादले से प्रभावित कर्मचारियों को नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने के बाद विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाना होगा। माना जा रहा है कि इस फेरबदल से जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी और असमान तैनाती को दूर करने में मदद मिलेगी।
134 कर्मचारियों का संवर्ग निर्धारण
तबादले के साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़े 134 कर्मचारियों का संवर्ग भी तय किया गया है। संवर्ग निर्धारण की प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों की सेवा और पद से संबंधित स्थिति को स्पष्ट किया गया है। इससे कर्मचारियों की प्रशासनिक स्थिति और विभागीय रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
विभागीय स्तर पर किए गए इस बड़े बदलाव का असर जिला शिक्षा कार्यालयों के कामकाज पर भी देखने को मिल सकता है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नई पदस्थापना और संवर्ग निर्धारण के बाद विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर
शिक्षा विभाग में लगातार प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। इसी क्रम में कर्मचारियों की पदस्थापना, स्थानांतरण और संवर्ग निर्धारण से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं। सात जिलों में 58 लिपिकों का तबादला और 134 कर्मचारियों का संवर्ग निर्धारण इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल संबंधित कर्मचारियों को आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई पूरी करनी होगी। नए स्थान पर योगदान और विभागीय जिम्मेदारी संभालने के बाद शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय कामकाज में बदलाव देखने को मिलेगा।


