रांची: झारखंड में परिसीमन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कांग्रेस और झामुमो पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से 2008 में परिसीमन से जुड़े फैसले को लेकर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान अमर बाउरी ने कहा कि मौजूदा परिसीमन विवाद के लिए कांग्रेस की पुरानी नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि 2008 में जनसंख्या के आधार पर परिसीमन के प्रस्ताव से झारखंड में आदिवासी आरक्षित सीटों की संख्या 28 से घटकर 22 होने की स्थिति बन रही थी। उस समय भाजपा ने जनजातीय समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए संविधान के 84वें संशोधन में तत्कालीन यूपीए सरकार का समर्थन किया था।
अमर बाउरी ने कहा कि अभी परिसीमन आयोग का गठन तक नहीं हुआ है और न ही कोई प्रस्ताव सामने आया है, इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि उसके शासनकाल में जनजातीय समाज के विकास और सम्मान के लिए किए गए कार्यों का एक उदाहरण सामने रखा जाए।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के 50 प्रतिशत सीट बढ़ोतरी वाले मॉडल का जिक्र करते हुए कांग्रेस और झामुमो से सवाल किया कि वे इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रहे हैं। बाउरी के अनुसार, यदि 81 विधानसभा सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो सीटों की संख्या करीब 121 हो सकती है। इसी तरह एसटी सीटें 28 से बढ़कर करीब 42 और एससी सीटें 9 से बढ़कर करीब 14 हो सकती हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो को स्पष्ट करना चाहिए कि जब सीटें बढ़ने की बात हो रही है तो वे इसका विरोध क्यों कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एक तरफ सीटें घटने का डर दिखा रहा है और दूसरी तरफ सीट बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहा है।


