रांची:- झारखंड में मतदाता सूची को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच बड़ी संख्या में बूथों से नए मतदाताओं का नाम नहीं जुड़ने का मामला सामने आया है। राज्य के 6,722 बूथों पर एक भी नया वोटर नहीं जुड़ा है। इस स्थिति को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) ने नाराजगी जताई है।
मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के अभियान की समीक्षा के दौरान यह आंकड़ा सामने आया। खास तौर पर राजधानी रांची के प्रदर्शन को लेकर अधिकारियों पर सवाल उठे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे बूथों की पहचान कर वास्तविक स्थिति की जांच करें और पात्र लोगों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए अभियान तेज करें।
6722 बूथों पर नए मतदाता नहीं जुड़े
राज्य के अलग-अलग इलाकों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम चल रहा है। इसके बावजूद हजारों बूथ ऐसे हैं, जहां अभियान के दौरान एक भी नए मतदाता का नाम नहीं जुड़ा।
निर्वाचन विभाग का मानना है कि 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना जरूरी है। इसके लिए बूथ स्तर पर जागरूकता और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
रांची का प्रदर्शन सबसे पीछे
समीक्षा में रांची जिले की स्थिति को लेकर विशेष नाराजगी सामने आई। राजधानी जैसे जिले में भी नए मतदाताओं को जोड़ने की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहने पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
CEO ने संबंधित अधिकारियों से बूथवार स्थिति की समीक्षा करने और जहां नए मतदाताओं की संख्या शून्य है, वहां विशेष अभियान चलाने को कहा है।
युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने पर जोर
निर्वाचन विभाग का फोकस पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर है। 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवाओं के साथ-साथ ऐसे लोगों को भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है, जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बूथ स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाए और पात्र नागरिकों से आवेदन प्राप्त कर समय पर मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ा जाए।
6,722 बूथों पर एक भी नया वोटर नहीं जुड़ना निर्वाचन विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि विशेष अभियान के बाद इन बूथों पर नए मतदाताओं की संख्या में कितना इजाफा होता है।


