रांची/धनबाद:- डुमरी विधायक जयराम महतो और झारखंड पुलिस एसोसिएशन के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पुलिस एसोसिएशन की ओर से माफी मांगने और कार्रवाई की मांग को लेकर दिए गए अल्टीमेटम के बाद जयराम महतो ने पलटवार करते हुए साफ कहा है कि वह किसी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार और कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ अपनी आवाज जारी रखने की बात कही।
यह विवाद बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित अमर्यादित बातचीत और धमकी से जुड़े मामले के बाद शुरू हुआ। मामले में जयराम महतो समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। विधायक ने हालांकि अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है
स्पीकर से चार बार संपर्क करने का दावा
जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि स्पीकर विधायकों के कस्टोडियन होते हैं। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने और अपनी बात रखने के लिए स्पीकर को चार बार फोन किया, लेकिन उनकी ओर से मामले को समझने या वास्तविकता जानने की कोशिश नहीं की गई।
विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उन्हें ही अपनी बात रखने के लिए उचित मंच से सुनवाई नहीं मिल रही है, तो अब वह स्पीकर को पत्र लिखने की कोशिश नहीं करेंगे।
तीन FIR को बताया साजिश
जयराम महतो ने अपने खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकी का जिक्र करते हुए इसे कथित साजिश का हिस्सा बताया। उनका आरोप है कि पूरे मामले में उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष या पूरे पुलिस विभाग से नहीं है। वह पुलिस का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि कहीं भ्रष्टाचार या आम लोगों के साथ गलत व्यवहार होता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना भी जरूरी है।
पुलिस की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
विधायक ने पुलिस एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की कार्यशैली को लेकर भी कई शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा आम लोगों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है, लेकिन ऐसे मामलों में एसोसिएशन उसी तरह सक्रिय नहीं होता।
उन्होंने कोयला और बालू के कथित अवैध कारोबार समेत अन्य मामलों में भी कार्रवाई की मांग उठाई। जयराम महतो ने दोहराया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
24 घंटे से पांच दिन के अल्टीमेटम पर भी सवाल
पुलिस एसोसिएशन के अल्टीमेटम को लेकर भी जयराम महतो ने सवाल खड़े किए। उनके अनुसार, पहले उन्हें 24 घंटे के भीतर माफी मांगने का समय दिया गया था, जबकि बाद में अल्टीमेटम की अवधि बढ़ाकर पांच दिन कर दी गई। विधायक ने कहा कि समय सीमा बदलने से वह दबाव में आने वाले नहीं हैं।
विवाद के राजनीतिक रूप लेने के संकेत
जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन के बीच बढ़ता विवाद अब केवल थाना स्तर के मामले तक सीमित नहीं दिख रहा है। एक ओर पुलिस एसोसिएशन विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं जयराम महतो भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई, विधायक के आरोप और एसोसिएशन के रुख के बीच विवाद बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह मामला झारखंड की राजनीति और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।


