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विधानसभा में घूम रहे तीर-धनुष वाला सुरक्षा गार्ड के साथ झारखंड के विधायक

MLA of Jharkhand with security guard with bow and arrow roaming in the assembly

झारखंड में इन दिनों एक विधायक चर्चा में विषय हुए हैं। चर्चा का मुख्य विषय है विधायक के सुरक्षा गार्ड द्वारा पारंपरिक हथियार (तीर-धनुष) साथ रखना। आपको बता दें कि लोबिन हेम्ब्रम झारखंड में बोरियो विधानसभा सीट से विधायक हैं। पिछले दिनों उन्होंने सरकार से सुरक्षा मांगी थी। गृह मंत्रालय ने लोबिन हेम्ब्रम को एक्स श्रेणी की सुरक्षा भी दे दी है। बावजूद इसके सत्तारुढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने अपने लिए तीर-धनुष वाला सुरक्षा गार्ड रखा है।

झारखंड में सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने अपने लिए तीर-धनुष वाला सुरक्षा गार्ड रखा है। लोबिन हेम्ब्रम बोरियो विधानसभा सीट से सत्ताधारी दल के इकलौते विधायक हैं जो पिछले एक साल से हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अभी हाल में ही विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक ने पत्थर माफिया से अपनी जान को खतरा बताते हुए सरकार से सुरक्षा की मांग की थी। झारखंड विधानसभा परिसर में लोबिन हेम्ब्रम तीर-धनुष वाले सुरक्षा गार्ड के साथ घूम रहे हैं और खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। 

विधानसभा के मानसून सत्र में सुरक्षा की माँग की थी 

लोबिन हेम्ब्रम ने मानसून सत्र के दौरान सदन में भावुक होते हुए कहा था कि पत्थर माफिया से उनकी जान को खतरा है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि 15 दिन के भीतर उन्हें सुरक्षा गार्ड दिलाया जाए। तब गृहमंत्री से उन्हें एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्रदान किए जाने का आश्वासन मिला था। अब लोबिन हेम्ब्रम विधानसभा क्षेत्र में तीर-धनुष वाले सुरक्षा गार्ड के साथ नजर आए हैं। लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि मैंने राज्य के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार से अतिरिक्त गार्ड की मांग की है। सदन में भी यह मामला उठाया लेकिन अभी तक मुझे सुरक्षा गार्ड मुहैया नहीं करवाया गया। उन्होंने कहा कि माफियाओं से मेरी जान को ख़तरा है फिर भी मेरे साथ-साथ मेरे घर से भी सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया है । 

सत्ताधारी दल के इकलौते मुखर और विरोधी विद्रोही विधायक 

लोबिन हेम्ब्रम पिछले एक साल से अपनी ही सरकार पर हमला बोलते आ रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके खास निशाने पर रहते हैं। लोबिन हेम्ब्रम 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीयता पारिभाषित करने, पेसा कानून लागू करने और स्थानीयता आधारित नियोजन नीति की मांग को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। सत्ताधारी दल का विधायक होने के बावजूद लोबिन हेम्ब्रम जनता से हेमंत सरकार द्वारा वादाखिलाफी का आरोप लगाते हैं। उन्होंने हेमंत सरकार पर आदिवासियों को छलने का भी आरोप लगाया है। कभी, झामुमो सुप्रीमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता, शिबू सोरेन के करीबियों में शुमार रहे लोबिन हेम्ब्रम, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पर लगातार आग बरसाते रहे हैं ।

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