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रक्षाबंधन पर पेड़ों को बांधी राखी, ग्रामीणों ने लिया जंगल बचाने का संकल्प

जमशेदपुर:- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पोटका प्रखंड के बाहरदाढ़ी गांव में पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देखने को मिला। गांव के ग्रामीणों ने जंगल पहुंचकर साल के पेड़ों को राखी और पवित्र रक्षा सूत्र बांधा और उनकी रक्षा का संकल्प लिया।

इस दौरान स्थानीय आदिवासी महिला-पुरुषों ने साल के विशाल पेड़ों पर टीका लगाया, आरती उतारी और राखी बांधी। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ उनके लिए परिवार के सदस्य और भाई के समान हैं। जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा करता है, उसी तरह पेड़ भी इंसानों को शुद्ध हवा देने के साथ गर्मी, आंधी-तूफान और बारिश के दौरान प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे पेड़ों को कटने नहीं देंगे और जंगल की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। उनका कहना है कि जंगलों की कटाई से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने के साथ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होता है।

कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की पहल की सराहना करते हुए वन संरक्षण में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

स्थानीय भाजपा नेता उपेंद्र सरदार ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रक्षाबंधन के मौके पर ग्रामीणों ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें बचाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा लोगों को पर्यावरण और जंगलों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती है।

बाहरदाढ़ी के ग्रामीणों का संदेश साफ है—“जंगल बचेंगे, तभी जीवन बचेगा।”

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