गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। निर्वाचन कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए गढ़वा के उपायुक्त पीएन मिश्रा खुद गांवों और मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से सीधे बातचीत कर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने, नए मतदाताओं के नाम जुड़ने और किसी योग्य मतदाता का नाम छूटने जैसी जानकारियां हासिल कीं।
जिले में 80-गढ़वा-रंका और 81-भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसी क्रम में डीसी ने सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की पांचवीं बैठक और चुनाव पाठशाला के आयोजन की समीक्षा की।
गढ़वा विधानसभा के तीन बूथों का किया निरीक्षण
डीसी पीएन मिश्रा ने 80-गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के लगमा स्थित मतदान केंद्र संख्या 206, 207 और 208 का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने निर्वाचन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित कर्मियों से मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान किए गए कार्यों का ब्योरा प्राप्त किया।
उन्होंने यह भी देखा कि मतदाताओं से संपर्क करने और उनकी जानकारी जुटाने का काम सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं।
भवनाथपुर के कोरबा गांव पहुंचकर मतदाताओं से की पूछताछ
इसके बाद उपायुक्त 81-भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के रमना प्रखंड अंतर्गत कोरबा गांव स्थित मतदान केंद्र संख्या 340 पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय मतदाताओं से बातचीत की।
इस दौरान डीसी ने लोगों से पूछा कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है या नहीं। परिवार में कोई नया मतदाता है या नहीं और किसी योग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में छूट तो नहीं गया है। उन्होंने ग्रामीणों से SIR प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली।
डीसी बोले- किसी योग्य मतदाता का नाम नहीं छूटना चाहिए
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त पीएन मिश्रा ने कहा कि जिले में SIR की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। गढ़वा जिले में दो विधानसभा क्षेत्र हैं। प्रशासन का प्रयास है कि गांव-गांव जाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्वाचन कर्मियों ने अपना काम सही तरीके से किया है या नहीं।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जाकर मतदाताओं से बातचीत की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से छूट तो नहीं गया है। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।
प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

